क्रोध एक मानवीय भावना है इसमें निराशा हताशा उदासी और प्रेम जिम्मेवारी जैसी भावनाएं छुपी होती है क्रोध के कई रूप होते हैं यह कभी-कभी बहुत ही आक्रामकता के साथ इंसान के स्वभाव में प्रकट होता है जो किसी व्यक्ति को समाज को देश को नुकसान पहुंचाने के इरादे से किया जाता है इसमें किसी के क्षतिग्रस्त होने की संभावना बन जाती है लोग क्रोध तब करते हैं जब उनके मन मुताबिक काम नहीं होता और उन्हें उनकी उम्मीद के अनुरूप परिणाम प्राप्त नहीं होते हताशा निराशा उत्पन्न होती है जो क्रोध को जन्म देती है क्रोध दोनों पक्षों के लिए हानिकारक होता है जो क्रोध कर रहा है और जिस पर क्रोध किया जा रहा है दोनों ही इसके दुष्ट परिणाम के चपेट में आ जाते हैं कभी-कभी तनाव परेशानी और लक्ष्य प्राप्ति ना होने पर लक्ष्य प्राप्ति में बाधा आने पर मनचाहे परिणाम न मिलने पर नकारात्मकता हमारे मस्तिष्क में मन में आ जाती है जिसके कारण क्रोध जन्म लेता है क्रोध के कई नुकसान है स्वास्थ्य की दृष्टि से क्रोध बहुत सारी समस्याएं पैदा कर सकता है इस शहर में रोग और अपच समस्या हो सकती है क्रोध रिश्तो में तनाव और दूरी पैदा कर देता है और मानसिक स्वास्थ्य पर इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ने से लोग अवसाद में और चिंता में डूब जाते हैं क्रोध की वजह से निर्णय लेने की क्षमता प्रभावित होती है और कई बार क्रोध में लिए गए निर्णय गलत साबित होते हैं क्रोध के कारण आत्मसम्मान प्रभावित होता है कई ऐसी जगह हम क्रोध कर जाते हैं जो हमारी प्रतिष्ठा और हमारी छवि को दो मिलकर देता है क्रोध के कारण ही हमारे दैनिक जीवन के काम और हमारे अध्ययन प्रभावित होता है क्रोध के कारण मस्तिष्क में एकाग्रता की कमी उत्पन्न हो जाती है जिसकी वजह से ध्यान भटकने से हम जिस कार्य को कर रहे हैं उसे कार्य में बाधा आने के साथ-साथ गति भी प्रभावित हो जाती है क्रोध के कारण संबंध खराब हो जाते हैं और जिसके परिणाम गंभीर हो सकते हैं कई बार परिवार के परिवार क्रोध की समस्या के कारण नष्ट हो जाते हैं तो क्रोध को नियंत्रण में रखना अति आवश्यक है
*क्रोध को अक्सर धीमा जहर कहा जाता है क्योंकि यह हमारे जीवन में धीरे-धीरे और लगातार नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है क्रोध के कारण रिश्ते विश्वास व्यापार मानसिक स्थिति भविष्य निर्माण प्रभावित होता है अतः इसे नियंत्रण करना अति आवश्यक है।।
*क्रोध को नियंत्रित करने के लिए सर्वप्रथम गहरी सांस लेने शांति से बैठ जाएं कुछ व्यायाम करें ध्यान करें उल्टी गिनती गिनना शुरू करें अपने क्रोध को काम करने के लिए आप कुछ हास्य योग भी कर सकते हैं संगीत सुनना भी एक उत्तम तरीका है और क्रोध नियंत्रित करने के लिए प्राकृतिक के करीब जाना सर्वोपरि उपाय हो सकता है पेड़ पौधे हरियाली और जीव जंतुओं के बीच में जब आप समय बिताएंगे तो आपकी मनोदशा सुधरी की अतः प्रकृति के निकट जाना क्रोध को नियंत्रित करने के लिए एक अच्छा उपाय हो सकता है।।
*क्रोध के समय व्यक्ति कुरूप हो जाता है पता यह हमारी खूबसूरती को भी प्रभावित करता है इससे न सिर्फ शारीरिक मानसिक क्षति होती है बल्कि हमारे चेहरे की खूबसूरती भी प्रभावित होती है समय से पहले त्वचा की समस्या वहां से त्वचा का रूखापन बालों की समस्या बालों का रूखापन बालों का टूटना वजन में बढ़ोतरी जैसे वजन बहुत अधिक होना और वजन बहुत कम होना जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं अतः क्रोध को जितना हो सके अपने जीवन से दूर रखने में ही भलाई है यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है या क्रोध को नियंत्रित करके आप अपनी खूबसूरती को बरकरार रख सकते हैं।।
*क्रोध को एक ऊर्जा के रूप में भी इस्तेमाल करने से इसके अच्छी परिणाम हासिल हो सकते हैं सकारात्मक परिवर्तन के लिए क्रोध को इस्तेमाल किया जा सकता है अन्याय के खिलाफ लड़ना और किसी महत्वपूर्ण उद्देश्य को प्राप्त करने के पूर्व आने वाला क्रोध आपको एक सफलता की मंजिल की ओर ले जा सकता है रचनात्मकता में इसे इस्तेमाल किया जा सकता है और आप लेखन कला संगीत नृत्य जैसे कल में अपनी ऊर्जा का इस्तेमाल करके इसे एक नई दिशा क्रोध को एक नई दिशा दे सकते हैं क्रोध को सकारात्मक संचार से इस्तेमाल करने से अपने विचारों और भावनाओं को व्यक्त करने से आप जीवन में किसी के लिए मार्गदर्शन और उद्देश्य पूर्ण जीवन जीने के लिए आदर्श बन सकते हैं अतः क्रोध को एक ऊर्जा के रूप में इस्तेमाल करने के लिए पहले अपने क्रोध को समझना और उसे नियंत्रित करना अति आवश्यक है।।
*क्रोध हमेशा ही नुकसानदेह हो ऐसा नहीं हो सकता कई बार सही दिशा में सही स्थिति में सही तरीके से किया गया क्रोध अभिशाप की जगह आशीर्वाद बना जाता है क्रोध से हमें खतरों से निपटने के लिए और सुरक्षित रहने में मदद मिलती है क्रोध हमें अपनी सीमाएं निर्धारित करने और दूसरों को बताने में मदद कर सकता है कि हम क्या पसंद करते हैं और क्या नहीं क्रोध की भावना हमें अन्याय के खिलाफ लड़ने के लिए प्रेरित कर सकती है क्रोध हमें आत्मविश्वास दे सकता है और हमारे अधिकारों के लिए खड़े होने के लिए हमें मदद कर सकता है सामाजिक परिवर्तन के लिए शक्तिशाली बाल के रूप में हम अपने क्रोध का इस्तेमाल कर सकते हैं कहने का तात्पर्य है कि क्रोध हमेशा एक ऊर्जा के रूप में मैं भी मानव जीवन के लिए उपयोगी साबित हो सकता है।

